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लोगों को लिफ्ट देने वाले ट्रक ड्राइवर्स का जा सकता है ड्राइविंग लाइसेन्स

Published On Dec 26, 2016By Mukul Yudhveer Singh

अपनी आप में एक नई पहल करते हुए देश के हरयाणा राज्य में ऑपरेट कर रहे ट्रक ड्राइवर्स को इस बात की चेतावनी दी गई है की वह पैसों के लिए, या मुफ़्त में भी, पॅसेंजर्स को ट्रांसपोर्ट ना करें। हरयाणा सरकार ने इस सिलसिले में ट्रक ड्राइवर्स को इस बारे में सख़्त ताकीद करते हुए कहा है की यदि वह इस आदेश का उल्लंघन करते पकड़े गये, तो उनका लाइसेन्स कम से कम तीन महीने के लिए निलंबित कर दिया जाएगा।

राज्य के ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ने ट्रक ड्राइवर्स द्वारा पॅसेंजर्स को लिफ्ट दिए जाने को 'गंभीर अपराध' की श्रेणी में रखा है। डिपार्टमेंट इस तरह के मामलों में इन व्हीक्ल्स का परमिट और रेजिस्टरेशन भी केंसल करने की योजना बना रही है।

गौरतलब है की, समान ढोने वाले व्हीक्ल्स में पॅसेंजर्स को ट्रांसपोर्ट करना भारत की सुप्रीम कोर्ट के द्वारा दिए गये दिशा-निर्देशों के खिलाफ है।

ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट द्वारा जारी किए गये नोटीस में कहा गया है की, "यह पॅसेंजर्स की जान को ख़तरे में डालते हैं।" ट्रक्स को पॅसेंजर व्हीक्ल्स के रूप में इस्तेमाल ना करने के लिए वर्ष 2009 में भारत की शीर्ष अदालत द्वारा यह निर्देश दिए गये थे।

'पॅसेंजर्स को यह अधिकार नहीं दिया जाता है की वह कमर्शियल व्हीक्ल्स में सफ़र करें', यह आदेश देश की सुप्रीम कोर्ट के जारी किया था।

देश के कई भागों में ट्रक ड्राइवर्स का पैसों के बदले यात्रियों / लोगों को लिफ्ट देने का चलन आम है। और साथ ही गुरुग्राम, फरीदाबाद, नोयडा और दिल्ली के बीच यात्री ट्रक ड्राइवर्स से पैसों के बदले लिफ्ट माँगते आसानी से देखे जा सकते हैं। हद तो तब हो जाती है, जब लोग इस तरह के व्हीक्ल्स में देर रात को भी सफ़र करने से नहीं चूकते। इस के अलावा, अनगिनत धार्मिक संस्थाएँ हैं, जो की अपने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक या धार्मिक आयोजनों में लाने और वापस ले जाने के लिए ट्रक्स का प्रयोग करती हैं।

यहाँ दोष सिर्फ़ यात्रियों का ही नहीं है, परंतु कुछ खामियाँ सरकार की भी हैं, क्योंकि इन रूट्स (गुरुग्राम से फरीदाबाद) पर ट्राँसपोर्टेशन के साधन का मिलना आसान नहीं है, ख़ास कर रात 9 बजे के बाद। इसलिए इस तरह की परिस्थितियों में, लोगों के पास कोई विकल्प नहीं बचता, सिवाय ट्रक्स और पिक अप्स जैसे कमर्शियल व्हीक्ल्स पर निर्भर करते हुए अपनी यात्रा पूरी करने का।

यहाँ ध्यान देने वाली बात यह है की गुरुग्राम और फरीदाबाद हरयाणा राज्य की दो सबसे महत्त्वपूर्ण शहर हैं। यह दोनों शहर एक दूसरे के मध्यम से दिल्ली और नोयडा से भी जुड़े हुए हैं।

इस तरह वोल्वो ने इस वित्तीय वर्ष में अब तक कुल 800 वर्कर्स की छंटनी कर दी है। इस तरह की गतिविधियों से यह मालूम पड़ता है की आने वाले समय में नॉर्थ अमेरका और युरोपियन कंट्रीज़ में कमर्शियल व्हीक्ल्स के ब्रॅंड्स को कितनी मशक्कतें झेलनी पड़ेंगे।

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