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कर्मचारियों की हड़ताल के चलते टाटा मोटर्स का धरवाड प्लांट हुआ बंद

Published On Feb 08, 2016By प्रशांत तलरेजा

देश की विख्यात कमर्शियल व्हीकल मॅन्युफॅक्चरर, टाटा मोटर्स, अपने कर्नाटक स्थित प्रोडक्षन प्लांट में लगातार हड़ताल की मार रही है। कंपनी के वर्कर्स हाल ही में हुए वेतन संशोधन और अन्य वर्कर साथियों की बर्खास्तगी को लेकर नाखुश हैं। जिस के परिणाम स्वरूप फर्म ने अपने धरवाड स्थित मॅन्यूफॅक्चरिंग यूनिट को लॉक आउट करने का फ़ैसला किया है यह प्लांट टाटा मार्कोपोलो ब्रांड के बेनर तले काम करता है।

इस मुद्दे को संबोधित करते हुए, टाटा मोटर्स के प्रवक्ता ने ई-मेल के ज़रिए जानकारी देते हुए बताया की, "हर साल कंपनी, वर्कर्स के वेतन में संशोधन करने का कार्य करती है, जो की उसने इस साल भी, मार्केट कंडीशन्स अनुकूल ना होते हुए भी, उस ने इसको बदस्तूर जारी रखा। लेकिन कुछ असंतुष्ट वर्कर्स ने अपने साथी वर्कर्स को काम बंद करने के लिए उकसाया, जिस की वजह वित्तीय और कस्टमर के विश्वास का ख़ासा नुकसान झेलना पड़ा, लेकिन फिर भी हम ने उनसे नेक नियती में डिस्कशन जारी रखा; कंपनी को हो रहे भारी नुकसान के बावजूद, जब वर्कर्स ने जब काम शुरू किया तो हम ने नरम लहज़ा अपनाते हुए इन गतिविधियों को देखा।"

उन्होंने आगे बताया की, "लेकिन उसके बाद लगातार रुकावटों की वजह से और कंपनी के ऑपरेशन और साख को ख़तरे में डालते हुए, वर्कर्स 31 जन्वरी से दोबारा अवैध हड़ताल पर बैठ गये हैं। इसलिए, इन परिस्थितियों को देखते हुए, हमने 1 फ़रवरी से मजबूरन प्लांट के ऑपरेशन्स को अस्थाई रूप से सस्पेंड कर दिया है। परंतु इसके बावजूद भी स्थिति में बदलाव नहीं दिखाई दिया और हमारे द्वारा चाहे जा रहे शांतिपूर्ण व सौहार्दपूर्ण माहोल हमें मिलता नज़र नहीं आया, कारणवश, हमें ना चाहते हुए भी 6 फ़रवरी से प्लांट में लॉक आउट की घोषणा करनी पड़ी।"

सूत्रों के अनुसार, कर्नाटक लेबर कमिशन द्वारा प्रोडक्षन यूनिट के बंद को खुलवाने के लिए ट्रेड यूनियन और टाटा मोटर्स मार्को पोलो के बीच एक मीटिंग बुलाई गयी थी।

पिछले साल, अप्रैल 2015 में भी कंपनी को इसी तरह की स्थिति से दो चार होना पड़ा था, जिस की वजह से एक यूनिट को बंद करना पड़ा था। बाद में सभी समस्याओं को दोनों पक्षों द्वारा शालीनता के साथ सुलझा लिया गया था।

धरवाड प्लांट घरेलू व एशियन कमर्शियल मार्केट्स जैसे श्रीलंका और बांग्लादेश के लिए करीब 60 बसेस प्रति दिन प्रोड्यूस करता है। इस मुद्दे पर टाटा मोटर्स मार्को पोलो वर्कर्स असोसियेशन के प्रेसीडेंट श्री अभिषेक देसाई का कहना है की, "हम इस आपदा को सुलझाना चाहते हैं। यदि प्रोडक्षन रुकता है तो, हज़ारों की तादाद में वर्कर्स को अपने काम से हाथ धोना पड़ेगा और साथ ही धरवाड क्षेत्र के इंडस्ट्रीयालाइज़ेशन को भी भारी नुकसान होगा।"

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