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एसएमएल इसुज़ु ने जयपुर में अपना सरताज एचजी72 सीएनजी ट्रक लॉंच किया

Published On Jan 06, 2017By लिसा प्रधान

भारत के जाने माने कमर्शियल व्हीकल निर्माता एसएमएल इसुज़ु ने हाल ही में अपने सीएनजी ट्रक सरताज एचजी 72 को राजस्थान राज्य की राजधानी जयपुर में जारी किया है। कमर्शियल व्हीकल मेकर के इस लॉंच को एक स्मार्ट कदम माना जा रहा है, क्योंकि जयपुर-दिल्ली हाइवे मार्ग पर राजस्थान स्टेट गैस लिमिटेड (आरएसजीएल) द्वारा सीएनजी इनफ्रास्ट्रक्चर डेवेलप किया गया है। एसएमएल इसुज़ु, जिस ने अपना पहला ट्रक जयपुर शहर में लॉंच किया है, इस बात को लेकर आश्वस्त हैं की डीज़ल ट्रक ऑपरेटर्स को ग्रीन टेक्स के रूप में भारी शुल्क अदा करना पड़ रहा है, और इस सीएनजी ट्रक के मध्यम से ट्रक / फ्लीट ओनर्स अपनी ऑपरेटिंग कॉस्ट में काफ़ी हद तक कमी कर पाएँगे।

पर्यावरण को साफ-सुथरा रखने की ग़र्ज़ से आरएसजीएल ने रोज़ाना 250 कार्स व 50 ट्रक्स को सीएनजी का स्वच्छ ईंधन देने का लक्ष्य रखा है। आरएसजीएल ने नीमराना क्षेत्र में अपने मुख्य सीएनजी स्टेशन की स्थापना की है। राजस्थान सरकार की घरेलू, ऑटोमोटिव, कमर्शियल और इंडस्ट्रियल कस्टमर्स को गैस इनफ्रास्ट्रक्चर प्रदान करने की रणनीति के तहत कूकस क्षेत्र में एक और स्टेशन शुरू किया गया है। इस के अतिरिक्त, राज्य अधिकारी नीमराना में ही एक और स्टेशन सेट अप करने की योजना बना रहे हैं जो की 250 व्हीक्ल्स को सेवा प्रदान करने में सक्षम होगा।

आरएसजीएल के मेनेजिंग डाइरेक्टर श्री रवि अग्रवाल के अनुसार, "एसएमएल इसुज़ु द्वारा जयपुर में अपने सीएनजी ट्रक की लॉंच, किसी भी कंपनी का प्रदेश में पहला लॉंच है। सीएनजी चालित व्हीक्ल्स के उपयोग को प्रोत्साहन देने के लिए हम जयपुर-दिल्ली हाइवे पर दो और सीएनजी स्टेशन्स स्थापित करने की योजना बना रहे हैं। इंडियन ओइल कॉर्पोरेशन के साथ समझोते पर हस्ताक्षर पहले ही हो चुके हैं, और वह जल्द ही अपने रीटेल आउटलेट्स पर दो सीएनजी स्टेशन्स की सुविधा शुरू करेंगे।"

देखा जाए तो सीएनजी ना सिर्फ़ पर्यावरण के हित में है बल्कि, इस का मेंटेनेंस भी डीज़ल व्हीक्ल्स के मुक़ाबले 5 प्रतिशत तक कम है और यह हर लिहाज़ से बेहद किफायती भी सिद्ध होता है। उदाहरण के तौर पर, सीएनजी चालित व्हीकल के एक चक्कर में 2330 रुपये की बचत होती है, जिस में 930 रुपये की फ़्यूल बचत और 1400 रुपये की ग्रीन टेक्स की बचत शामिल है। इस तरह यदि महीने में 20 ऐसे चक्कर लगाए जाते हैं तो साल भर में कुल बचत 5.59 लाख रुपये तक पहुँच जाती है।

श्री रवि अग्रवाल ने इस बात का भी खुलासा किया की, जयपुर-दिल्ली रूट के अलावा, जयपुर से कोटा, बाराँ और झालावाड़ के मार्गों पर भी सीएनजी इनफ्रास्ट्रक्चर को डेवेलप करने की योजना चल रही है। चूँकि आरएसजीएल के पास पहले से ही कोटा में सीएनजी के लिए इनफ्रास्ट्रक्चर मौजूद है, इस तरह ज़्यादा से ज़्यादा ग्रीन हाइवेज़ बनाने में यह काफ़ी मददगार सिद्ध होगा और साथ ही इस का सकारात्मक असर प्रदेश के इंडस्ट्रियल डेवेलपमेंट पर भी देखने को मिलेगा।

ग्रीन टेक्स के रूप में भारी शुल्क वसूला जाना और नॅशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एन जी टी) द्वारा दिल्ली में 15 साल से ज़्यादा पुराने व्हीक्ल्स पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने की योजना का मुख्य उद्देश्य है देश में बढ़ते प्रदूषण पर काबू पाना। एसएमएल सरताज एचजी 72 जैसे कमर्शियल ट्रक्स और देश भर में सीएनजी स्टेशन्स की उपलब्धि से ना सिर्फ़ बढ़ते प्रदूषण की समस्या से निजात मिल सकती है बल्कि, इस से कन्स्यूमर्स को भी विस्तृत रेंज में से व्हीकल चुनने का मौका मिलेगा।

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