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हेवी ड्यूटी ड्राइवर्स के लिए नियमों में ढील देने वाले प्रस्ताव पर आईएफटीआरटी ने चिंता व्यक्त की

Published On Mar 08, 2016By प्रशांत तलरेजा

दी इंडियन फाउंडेशन ऑफ ट्रांसपोर्ट एंड ट्रेनिंग (आईएफटीआरटी) का मानना है कि कमर्शियल व्हीकल ड्राइवर्स को नियमों में ढ़ील देने वाला हालिया कदम रोड़ सेफ्टी में नकारात्मक असर डालने वाला होगा। हाल ही में मिनिस्ट्री ऑफ रोड़ ट्रांसपोर्ट एंड हाइवेज ने एक ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया है, जो कमर्शियल ड्राइवर्स की परेशानियों को कम करने वाला था।

आईएफटीआरटी पहले भी हेवी ड्यूटी ट्रक ड्राइवर्स पर रेगुलर रिपोर्ट पेश करती आई है, जिस में हाल ही में वर्ष 2007 में पेश की गई रिपोर्ट भी शामिल है। आईएफटीआरटी के सीनियर प्रोफेशनल एस. पी. सिंह ने कहा है कि “आईएफटीआरटी रिपोर्ट तब अनुशंसित की गई जब पूरे देश में कमर्शियल व्हीकल्स ड्राइवर को ट्रेनिंग आइटीआइ द्वारा दी जाएगी। और स्टेक हॉल्डर्स जैसे कि ट्रक मेकर्स ऑयल कंपनीज, जनरल इंश्योरेंस कंपनीज, टायर मॅफन्युफॅक्चरर्स तथा बड़े लॉजिस्टिक फर्म्स को फाइनेंशियल, मेनपावर तथा आधुनिक व्हीकल्स उपलब्ध कराने चाहिए ताकी रोड़ सेफ्टी और रोड़ ट्रांसपोर्ट बिजनेस में एफिशियंसी के लिए ट्रेंड ड्राइवर्स उपलब्ध हो सके। यह सुझाव योजना आयोग को भी सौंपा गया था।”

नये नियमों के अंतर्गत हेवी ड्यूटी ट्रक्स में 'दो ड्राइवर्स वाले नियम' में छूट दी गयी थी, यह एक ऐसा नियम था जो की हाल ही में खराब सेफ्टी नियमों के चलते जोड़ा गया था। इस इंस्टीट्यूट ने इस कदम को विशेष तौर पर बुरा बताते हुए इसे एक बीमार कल्पना कहा है। श्री सिंह ने कहा कि “सिंगल ड्राइवर एज्युकेशनल क्वालीफिकेशन तथा परमिटिंग का इशू वर्तमान में एचसीवीज के लिए आदेशित दो ड्राइवर्स के प्रतिकूल है, तथा इन में बहस करने की जरूरत है, क्योंकि मिनिस्ट्री उन ट्रांसपोर्टर्स की चाल में फंसती जा रही है, जो कम पढ़े लिखे ड्राइवर्स को काम में लेते हुए अपना लाभ बढ़ाने में लगे हुए हैं, तथा नेशनल परमिट ट्रक्स के लिए सिंगल ड्राइवर लगाना चाहते हैं।”

लाइसेंस प्राप्त करने में मिनिमम योग्यता में छूट देना भी रोड़ सेफ्टी के लिए एक समस्या खड़ी करने वाला है। ऐनालिस्ट्स और रोड़ सेफ्टी एक्सपोर्ट्स का मानना है कि आज के व्हीकल्स एडवांस्टड इक्यूपमेंट्स के साथ आ रहे हैं, तथा इस ट्रेंड को ड्राइवर्स से ज्यादा ज्ञान और योग्यता की जरूरत है। दूसरे ड्राइवर रेगुलेशन में छूट देना इस बात पर आधारित है कि ट्रकर्स छोटे रूट्स पर चलते हैं, तथा उन्हें अतिरिक्त ड्राइवर की जरूरत नहीं। हलांकि, श्री सिंह ने इस को दूसरी तरह से समझाया। उन्होंने कहा कि “ये इंटर स्टेट नेशनल परमिट होल्डर्स ट्रक्स प्रति माह 10 चक्कर से 12 चक्कर लगाते हैं, जैसे दिल्ली-अमृतसर-दिल्ली और लंबी दूरी के ट्रक्स से ज्यादा किलो मीटर्स तय करते हैं, तथा इन में ड्राइवर्स के लिए आराम की भी कम व्यवस्था होती है।”

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