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एमर्जेन्सी ब्रेकिंग टेकनोलॉजी 2022 तक यूएस में स्टॅंडर्ड हो जाएगी

Published On Apr 06, 2016By प्रशांत तलरेजा

युनाइटेड स्टेट्स (यूएस) ने हाल ही में देश के सभी ऑटो मेकर्स के साथ एक वॉलंटरी अग्रीमेंट किया है जिस के तहत निकट भविष्य में बेचे जाने वाले सभी व्हीक्ल्स में नये सेफ्टी स्टॅंडर्ड्स को शामिल करना होगा। फ़ॉरवर्ड कोलीज़न वॉर्निंग सिस्टम के नाम से जाना जाने वाला यह इन्स्ट्रुमेंट ऑटोमॅटिक एमर्जेन्सी ब्रेकिंग सिस्टम के साथ आता है, जो किसी भी व्हीकल से भिड़ंत होने से रोकता है। उम्मीद की जा रही है की यह फेसिलिटी आने वाले सालों में सभी मॉडल्स पर स्टॅंडर्ड कर दी जाएगी, लक्ष्य 2022 को ध्यान में रखते हुए।

नॅशनल हाइवे ट्रॅफिक सेफ्टी एड्मिनिस्ट्रेशन (एनएचटीएसए) के मुताबिक यह टारगेट इस प्रोसेस को गति देगा, क्योंकि यदि यही दिशानिर्देश ऑटो मेकर्स को औथोरीटी द्वारा दिए जाते तो इनको अमल में लाने में काफ़ी दिक्कत का सामना करना पड़ता।

कई कंपनीज़ इस सिस्टम को लागू करने के लिए अपनी खुद की टाइमलाइन सेट करेंगी। लेकिन फिर भी, आशा है की कई सारी फर्म्स अपने सेफ्टी प्रोग्रॅम्स को आने वाले कुछ सालों में तेज़ी से आगे बढ़ाएँगी। वर्ष 2022 का टारगेट ख़ास कर 8500 पौंड से कम भार वाले व्हीक्ल्स की लिए सख्ती के साथ लागू होगा। व्हीक्ल्स जिन की भार क्षमता इस से ज़्यादा है उनको इस मापदंड को पूरा करने के लिए और ज़्यादा समय दिया जाएगा। इस के बावजूद, यह नया सिस्टम पूरे देश में स्टॅंडर्ड के तौर पर साल 2025 तक पूरी तरह से लागू कर दिया जाएगा।

रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है की नया सिस्टम आने से सड़कों पर होने वाले हादसों में बहुत हद तक कमी आएगी, जिस से सड़कों का माहॉल काफ़ी सेफ हो जाएगा और हज़ारों जानें बचाई जा सकेंगी। एक अनुमान के तौर पर रियर एंड कोलीज़न में करीब 40 प्रतिशत तक की कमी आएगी। यह टेकनोलॉजी सामने से आ रहे कोलीज़न या ख़तरे को भाँपने के लिए रडार स्कॅनिंग और केमरों का इस्तेमाल करती है, और व्हीकल के सेफ्टी सिस्टम को एकटीवेट करते हुए व्हीकल को डिमेज होने से रोकने पर काम करना शुरू कर देती है। ऐसे आपातकाल समय में यदि ड्राइवर सही ढंग से अपने कार्य को ज़िम्मेदारी के साथ नहीं निभाता है, तो सिस्टम ऑटोमॅटिकली व्हीकल को ब्रेक लगा देता है, जिस से की वह क्रॅश होने से या कम से कम क्रॅश से होने वाले कुल प्रभाव को कम कर देता है।

उम्मीद की जा रही है पूरी व्हीकल रेंज में लागू होने से पहले, शुरुआत में, यह टेकनोलॉजी चोटी के वेरियेंट लेवल्स के लिए स्टॅंडर्ड की जाएगी, जिस के बाद इसको बाकी रेंज पर भी अप्लाइ किया जाएगा।

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