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कमर्शियल व्हीक्ल्स की नवंबर सेल्स में दिखी गिरावट, सौजन्य: नोट बंदी

Published On Dec 02, 2016By Mukul Yudhveer Singh

नोट बंदी (डीमॉनिटाईज़ेशन) के चलते देश में दिवाली के बाद से कमर्शियल व्हीक्ल्स मॅन्यूफॅक्चरर्स ने अपनी सेल्स में पतन दर्शाया है। कई दिग्गज कमर्शियल व्हीकल मेकर्स ने, अशोक लीलेंड को छोड़कर, नवंबर 2016 के महीने में (पिछले साल के विपरीत इसी समय के दौरान) सेल्स में गिरावट रिजिस्टर की है।

बड़े लंबे समय बाद दिवाली के त्योहारी महॉल में कुछ आशा की किरण देखने को मिली थी, लेकिन नोट बंदी की वजह से, यह खुशी की ज़्यादा लंबी नहीं चल सकी और अब ऐसा लगता है की देश के ट्रक और बस मेकर्स के लिए अनिश्चितताओं के बादल छा गये है।

ऐसा नहीं है की लोग भारत स्टेज 4 (बी एस 4) और एयर कंडीशनर के अनिवार्य होने की समय सीमा से पहले ट्रक खरीदने के इच्छुक नहीं हैं, परंतु मार्केट में केश (नकद) की अचानक आई मंदी ने किसी को अनछुआ नहीं रखा है, और यह सेल्स को प्रभिवित करने में एक बड़ी रुकावट बन कर सामने आई है। तो आइए देखते हैं की देश के मशहूर कमर्शियल व्हीकल मेकर्स ने पिछले महीने क्या सेल्स आँकड़े दर्ज की है, गत साल की तुलना में इसी समय के दौरान:

महिंद्रा & महिंद्रा

महिंद्रा & महिंद्रा, जो की देश का तेज़ी उभरता हुआ कमर्शियल व्हीकल प्लेयर है, ने देश में केवल 12644 यूनिट्स की सेल्स रिकॉर्ड की है नवंबर 2016 में। जब की पिछले साल नवंबर में कंपनी कुल 14801 कमर्शियल व्हीक्ल्स की सेल्स अर्जित करने में कामयाब रही थी।

टाटा मोटर्स

टाटा मोटर्स, जिस को देश की सबसे पुरानी और कमर्शियल व्हीकल इंडस्ट्री का दिग्गज माना जाता है, ने पिछले महीने कुल 20538 कमर्शियल व्हीक्ल्स की सेल्स दर्ज की है। वहीं कंपनी ने गत वर्ष नवंबर 2015 में 24030 कमर्शियल व्हीकल यूनिट्स की बिक्री की थी।

अशोक लीलेंड

अशोक लीलेंड इन दिनों काफ़ी व्यस्त रहा है भारतीय कमर्शियल व्हीकल इंडस्ट्री में अपनी पुख़्ता जगह बनाने के लिए। हिंदुजा ग्रूप की इस कंपनी ने कई नकारात्मक भविष्यवाणियों को पीछे छोड़ते हुए नोट बंदी के इस दौर में भी आश्चर्यजनक रूप से बढ़त दर्ज की है। अशोक लीलेंड ने नवंबर 2016 में 9574 यूनिट्स की सेल्स दर्ज की है वहीं नवंबर 2015 में उस ने 8971 यूनिट्स की सेल्स अर्जित की थी।

वीईसीवी

आयशर और वोल्वो के बीच जॉइंट वेंचर 500 रुपये और 1000 रुपये की नोट बंदी की मुहीम के बीच घुटने टेकता दिखाई दिया। और वोल्वो आयशर कमर्शियल व्हीकल (वीईसीवी) ने गत वर्ष नवंबर में 3639 कमर्शियल व्हीकल यूनिट्स की सेल्स अर्जित की थी। परन्तु, इस वर्ष नवंबर में वह केवल 3176 यूनिट्स की ही सेल्स अर्जित करने में सफल रहे।

एसएमएल इसुज़ु

एसएमएल इसुज़ु ने कुल 639 कमर्शियल व्हीक्ल्स की सेल्स रिकार्ड की है इस साल के नवंबर महीने में। दूसरी तरफ गत साल कंपनी के कुल 683 कमर्शियल व्हीक्ल्स यूनिट्स की बिक्री की थी।

समाधान क्या हो सकता है?

देश के कमर्शियल व्हीकल मॅन्यूफॅक्चरर्स को कस्टमर्स को डाउन पेमेंट अदा व अन्य ट्रांज़ेक्शंस करने के लिए ई-बेंकिंग का प्रयोग करने की तरफ प्रोत्साहित करना होगा। हालाँकि, आने वाले समय में मार्केट में केश फ्लो सामान्य हो जाएगा, परंतु अभी कन्स्यूमर्स को ऑनलाइन पेमेंट्स की तरफ बढ़ाने से सेल्स आँकड़े अच्छे ख़ासे ढंग से ऊपर जा सकते हैं।

और अब, जब की हम मौजूदा वित्तीय वर्ष के अंत की ओर बढ़ रहे हैं, तो ऐसे समय में देश का कोई भी कमर्शियल व्हीकल मॅन्युफॅक्चरर अपने सेल्स आँकड़ों में गिरावट देखने पसंद नहीं करेगा।

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