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2016 की कमर्शियल व्हिकल्स सेल्स 2011 की रेकॉर्ड सेल्स से आगे निकल सकती है

Published On Feb 04, 2016By प्रशांत तलरेजा

देश में इनफ्रास्ट्रक्चर इंडस्ट्री की तेज़ रफ़्तार के चलते, यह अनुमान लगाया जा रहा है की इस साल की कमर्शियल व्हिकल्स सेल्स अपना रेकॉर्ड आँकड़ा छूते हुए साल 2011 के 2,40,000 यूनिट्स की रेकॉर्ड सेल्स को पछाड़ देगी। भारत में बढ़ती रीप्लेस्मेंट डिमांड, कन्स्ट्रक्षन इंडस्ट्री और फ्रेट मूव्मेंट के कारण हेवी ड्यूटी सेल्स में पिछले साल 2015 में 36 प्रतिशत की ग्रोथ रेट रिजिस्टर करते हुए, 2,10,000 यूनिट्स पर पहुँच गयी थी। "आशा है की इनफ्रास्ट्रक्चर की कहानी आने वाले फाइनेंशियल इयर में स्थिर हो जाएगी, और इसके साथ ही हम 240000 यूनिट्स के पिछले सालाना रेकॉर्ड से आगे निकल जाएँगे ", यह कहना था, वोल्वो आईशर कमर्शियल व्हिकल्स के चीफ एग्ज़िक्युटिव, श्री विनोद अग्रवाल।

साल 2012 से साल 2014 के बीच इंडस्ट्री को आर्थिक मंदी की ज़बरदस्त मार झेलना पड़ी थी, जिसकी वजह से पेट्रोलियम आयिल लुब्रिकेंट्स, लोजिस्टिक्स और एलपीजी के मार्केट्स में गिरावट आई थी। पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान मार्केट कंडीशन्स ने सुधार के संकेत दिए हैं, जिस की वजह से ऑपरेटर्स फिलहाल अपनी पुरानी मशीन्स को रीप्लेस कर रहे हैं, और अपनी फ्लीट्स को रिबिल्ड कर रहे हैं। टाटा मोटर्स के बिज़नेस हेड, श्री राजेश कौल ने समझते हुए कहा की, "कन्स्ट्रक्षन और इनफ्रास्ट्रक्चर टिप्पर इंडस्ट्री में 68 प्रतिशत का योगदान दे रही है, और पिछले दो तिमाहियों में इस ने उछाल दिखाया है। कॉंट्रेक्टर्स द्वारा असेट की मोबिलाइज़िंग के कारण हम इसको आने वाले समय में इंडस्ट्री के लिए मुख्य सेल्स ड्राइवर मान रहे हैं। जैसे ही ज़्यादा से ज़्यादा रोड और इंफ़्रास्ट्रक्चर के प्रॉजेक्ट्स को अनुमति मिलती है, ऑपरेशन्स तेज़ी से शुरू हो जाएँगे" ।

अन्य कारण जो वजह बने कमर्शियल व्हिकल इंडस्ट्री की ग्रोथ के उन में शामिल है, 10 साल से ज़्यादा पूराने कमर्शियल व्हिकल्स पर लगा हालिया बेन, व एंटी लॉक ब्रेकिंग (एबीएस) सिस्टम और स्पीड लिमीटर्स का अनिवार्य प्रावधान। ऐसा माना जा रहा है की, इन दोनों ही कारणों से इंडस्ट्री में सेल्स बढ़ी है, और इसी वजह से फ्लीट ऑपरेटर्स अपने पुराने व्हिकल्स का रीप्लेस्मेंट तलाशने निकले हैं। श्री नलिन मेहता, जो की महिंद्रा ट्रक्स और बस डिवीज़न के चीफ एग्ज़िक्युटिव हैं, ने बताया की "एमिशन नॉर्म्स के बदलाव से पहले खरीदने का माइंडसेट" कारण बना है मीडियम और हेवी कमर्शियल व्हिकल्स (एम & एचसीवी) की भारी डिमांड का। "पूरी इंडस्ट्री में मुख्य रूप से हेवी ड्यूटी ट्रक्स (एच डी टी) की सेल्स ग्रोथ दर्शनीय रही, जिसका श्रेय सरकार की ओवर लोडिंग कम करने का प्रयास भी रहा, जिस की वजह से ट्रक ऑपरेटर्स नये ट्रक्स खरीदने पर विवश हुए", यह कहना था श्री सोमिंदर सिंह का, जो की वाइस प्रेसीडेंट - डोमेस्टिक सेल्स हैं, डेमलर इंडिया कमर्शियल व्हिकल्स के लिए।

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