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नया ट्रक खरीदना होगा आसान, अपनाईये यह टिप्स

Published On Feb 10, 2017By Mukul Yudhveer Singh

आज के दौर में कोई भी नया प्रॉडक्ट खरीदना आसान काम नहीं है। यहाँ समस्याएँ तब और बढ़ती दिखाई देती हैं जब वो प्रॉडक्ट ट्रक जैसी कोई जोखिम भारी चीज़ हो। ट्रक कोई छोटी-मोटी चीज़ नहीं है और इसलिए उस को खरीदने के लिए आप सिर्फ़ अपने दोस्तों की राय या उस ट्रक के मौखिक प्रचार पर निर्भर नहीं रह सकते। क्योंकि, यहाँ मामला चन्द रुपयों का नहीं, बल्कि लाखों रुपये के निवेश का है, और जब आप इतना पैसा कहीं लगाएँगे तो निश्चित रूप से लाभ की भी उम्मीद रखेंगे।

यहाँ ध्यान देने वाली बात यह है की कार्स के विपरीत, जो की ड्राइविंग का मज़ा उठाने या सुविधा के लिए खरीदी जाती है, ट्रक को बिज़नेस की ज़रूरतों को पूरा करने के उद्देश्य से खरीदा जाता है। साथ ही ट्रक खरीदने का यह बड़ा फ़ैसला यदि जल्दबाज़ी में लिया जाता है, तो हो सकता है की यह फ़ायदे के बजाय नुकसान का सौदा साबित हो। अब सवाल यह पैदा होता है की फिर किस तरह की रणनीति या प्रक्रिया का पालन किया जाए नया ट्रक खरीदते समय? और क्या वाकई नये ट्रक को खरीदने की प्रक्रिया सचमुच इतनी गंभीर है?

इसी को आसान बनाने के लिए हम विभिन्न टिप्स की सूची आप के लिए पेश कर रहे हैं जो की आप के बिज़नेस के अनुसार आप को ट्रक चुनने में मदद करेगी।

अपनी ज़रूरतों को रेखांकित करें

किसी भी चीज़ को खरीदने से पहले आप को यह पता होना बहुत ज़रूरी है की आप की ज़रूरत किस प्रकार की है। वैसे तो हम में से बहुत से लोगों को पता होता है की हमें क्या चाहिए, परंतु कुछ ही लोग होते हैं जो अपनी ज़रूरतों का खाका बनाते हैं। तो देर किस बात की उठाइए पेन और नोटपैड और संक्षेप में लिखिए उन सभी चीज़ों को जो आप अपने नये ट्रक में देखना चाहते हैं।

सबसे पहले तो आप को यह जानना ज़रूरी है की आप का बिज़नेस किस प्रकार का है, और इस में किस तरह के एप्लिकेशन के लिए आप ट्रक का इस्तेमाल करेंगे। उदाहरण के लिए आप का बिज़नेस कोरियर का है और आप कोरियर व छोटे पैकेज्स की डिलीवरी करने के लिए ट्रक देख रहे हैं। यहाँ इस बात की मजबूत संभावना है की आप को एक पिक अप ट्रक की आवश्यकता है, लेकिन यदि आप ने ज़रूरतों को सामने रख कर प्लान तैयार नहीं किया होगा तो हो सकता है की आप कोई बड़ा ट्रक खरीद बैठें, जो की आप के बिज़नेस के लिए फ़ायदेमंद तो नहीं होगा परंतु नुक़सानदायक ज़रूर सिद्ध हो सकता है। यहाँ, जो पैसा आप ने एक बड़े ट्रक को खरीदने में लगाया है उस से आप दो पिक अप ट्रक में निवेश कर सकते थे, जो निश्चितरूप से आप के बिज़नेस के लिए लाभदायक साबित होता।

इस के साथ ही, आप को ट्रक खरीदते समय इस बात का भी ध्यान रखना है की नये ट्रक का सामना किस तरह की सड़कों से होगा। ट्रक्स के अंतर्गत मेंटेनेंस, ऑपरेशनल लाइफ और माइलेज जैसी चीज़ें का काफ़ी हद तक दारोमदार उन सड़कों पर होता है जिन पर उनको चलाया जाता है। इस के अतिरिक्त, इस बात को भी ज़हन में रखें की आप का नया ट्रक प्रतिदिन कितने समय चलेगा या कितनी दूरी तय करेगा।

*अन्य ज़रूरतें जिनको आप नोट कर सकते हैं वह यह हो सकती हैं: फ़्यूल टाइप कौन सा होगा (सीएनजी या डीज़ल), ऑपरेशनल अवर्स क्या होंगे (दिन / रात) या घंटे, पे लोड, पावर और टॉर्क, ट्रक की खराबी के समय में ऑन रोड असिस्टेंस की आवश्यकता व अन्य।

शुरुआती जाँच पड़ताल

कहा जाता है की आप को इमारत जितनी उँची बनानी हो उसकी नीव उतनी ही मज़बूत और गहरी रखनी चाहिए। बिल्कुल उसी तरह से अपनी ज़रूरतों को ध्यान में रख कर आप जितनी ज़्यादा ट्रक मॉडल्स की रिसर्च करेंगे, यह सौदा आप के लिए उतना ही फ़ायदे भरा सिद्ध होगा।

जितना ज़्यादा मुमकिन हो सके आप बेहिचक हो कर खूब सारे ट्रक ब्रांड्स की छानबीन करें व हर दृष्टिकोण से जाँच पड़ताल करें। साथ ही हर ट्रक मॉडल, जिस को आप देख रहे हैं, की योग्‍यताओं और कमज़ोरियों को भी रेखांकित कर के एक सूची तैयार करें। और इन को अपनी अपेक्षाओं के अनुसार मेल करें। इस के अतिरिक्त, व्यक्तिगत अनुभव का कोई मुक़ाबला नहीं है इसलिए यदि मुमकिन हो तो उस मॉडल को चला रहे ड्राइवर्स या ट्रक मालिकों से बातचीत व चर्चा करें। उन से पूछें की उन्हें किस प्रकार की समस्याएँ आती है उस ट्रक मॉडल को चलाते समय। यह भी अच्छा होगा अगर आप एक बार अपने 'चयनित' ट्रक मॉडल के करीबी औथोराइज़ड सर्विस सेंटर पर जाकर उस के स्पेर पार्ट्स व सर्विस की कीमतों का विवरण लें, ताकि आप को ट्रक खरीदने से पहले उस की मेंटेनेंस कोस्ट का कुछ हद तक अंदाज़ा हो जाए। यह भी चेक कर लें की ट्रक मॉडल स्लीपर केबिन के साथ उपलब्ध है या नहीं।

बजट तय करें

अब आप के सामने वास्तविक आवश्यकताएँ मौजूद हैं। अब कुछ एक ट्रक मॉडल्स को देखें, उन के प्राइसस पर गौर करें और अपना बजट निश्चित करें। बजट में अपनी हैसियत के अनुसार ज़्यादा से ज़्यादा डाउनपेमेंट की रकम शामिल करें, साथ ही आरटीओ टेक्सस और इंशोरेंस कॉस्ट भी जोड़ें। इस के अलावा, यदि आप अपने तौर पर (लोकल मार्केट से) ट्रक बॉडी बनाने के इच्छुक हों तो कुछ पैसे उस के लिए अलग रखें। ध्यान रहे, ट्रक लोडिंग डेक अथवा बॉडी बनाने के कार्य में कम से कम एक लाख रुपये की लागत आती है।

प्री अप्रूव्ड ट्रक लोन के लिए अप्लाइ करें

भारत में खरीदे जाने वाले ज़्यादातर ट्रक्स व्हीकल फाइनान्सिंग एजेन्सीस द्वारा ही खरीदे जाते हैं। और ट्रक लोन की मंज़ूरी या अप्रूवल मिलना बिल्कुल भी आसान नहीं होता है। कई दफ़ा लोन अप्रूव ना होने के कारण लोग ट्रक खरीदने के निर्णय को रद्द कर देते हैं।

इसलिए एडवांस में ही प्री अप्रूव्ड ट्रक लोन के लिए आवेदन कर दें। ऐसा करने से आप ट्रक की फाइनल प्राइसस में भी कुछ मोलभाव कर सकते हैं। अलग अलग बेँक्स से बात करें और हाँ यह सुनिश्चित करें की आपकी पिछला क्रेडिट रिकॉर्ड अच्छा हो। पहले समय में लिए गये लोन्स और उन का विवरण देना ना भूलें। एक अच्छी पेमेंट हिस्टरी होने से आप का लोन जल्दी अप्रूव होने के साथ साथ आप को आकर्षक ब्याज़ दरें भी मिल सकती हैं। एक बार आप के पास यदि प्री अप्रूव्ड लोन उपलब्ध हो जाता है, उस के बाद अन्य फ़ाईनेंस कंपनीज़ या एजेन्सीस उसी लोन अमाउंट पर आप को बेहतर डील्स देने की कोशिश करेंगी।

रीसेल वॅल्यू चेक करें

हो सकता है बहुत से लोगों को ट्रक की रीसेल वॅल्यू के बारे में पड़ताल करना अटपटा लगे, लेकिन इस तरह से आप अपनी मेहनत से कमाए पैसों की काफ़ी हद तक बचत कर सकते हैं। रीसेल वॅल्यूस अमूमन ट्रक के माइलेज, उस की ऑपरेशनल लाइफ, स्पेयर पार्ट्स की उपलब्धि और उन की सर्विस कॉस्ट्स पर निर्भर करती है।

बढ़िया रीसेल वॅल्यू का मतलब है उस ट्रक मॉडल की अच्छी स्थिति व योग्यताएं, जबकि खराब रीसेल वॅल्यू इशारा करती है ट्रक की अस्वस्थ हालत की ओर। यह अमल आप को इस नतीजे पर पहुँचने में मदद करेगा की आप यदि आगे जाकर भविष्य में अपना ट्रक बेचते हैं तो आप को मार्केट में इस की क्या कीमत मिलेगी।

अंतिम जाँच पड़ताल

अपने द्वारा तैयार की गयी सूची व कई बार की गयी जाँच पड़ताल से अंततः आप को अपनी आवश्यकताओं (जो आप चाहते हैं) का सटीक अंदाज़ा हो जाएगा। साथ ही इस अभ्यास से आप के सामने कई ट्रक मॉडल्स भी आजाएँगे। अब यह सही समय होगा ट्रक डीलरशिप्स का मुआयना करने का, और अपने द्वारा फाइनल किए गये ट्रक मॉडल्स का करीब से अनुभव करने का।

सभी मॉडल्स को आप अच्छे ढंग से परखें। यदि किसी मॉडल या उस के फीचर को लेकर आप के ज़हन में कोई शंका हो तो उस को डीलरशिप में मौजूद सेल्स प्रतिनिधि या मेनेजर की मदद से तुरंत दूर करें। साथ ही लंबी टेस्ट ड्राइव का निवेदन करें, और उस ड्राइव के दौरान आने वाली दिक्कतों का ब्योरा तैयार करें। हर समय आप की मूल आवश्यकताओं की सूची को ध्यान में रखें। जितना हो सके ट्रक के हर पहलू को लेकर सवाल करें, इस से ना झिझकें। याद रखें पैसा आप खर्च कर रहे हैं डीलर नहीं।

सौदे में मोल तोल करें

आख़िरकार, अब आप की खरीद एक मज़बूत स्थिति में पहुँच गये हैं जहाँ आप के पास प्री अप्रूव्ड लोन मौजूद है। डीलरशिप पर आप ट्रक ब्रांड की ट्रक फाइनेन्सिंग विकल्प के बारे में पूछ ताछ करें, क्योंकि भारत में बहुत से कमर्शियल व्हीकल ब्रांड्स फाइनेंस की सुविधा उपलब्ध कराते हैं। उन्हें प्री अप्रूव्ड लोन के साथ जाने पर सटीक ब्याज़ दर के बारे में बताएँ व साथ ही यह भी पूछ लें की अगर आप उन के द्वारा ट्रक फाइनेंस कराते हैं तो क्या दर होगी। यदि आप ने पहले कभी उसी डीलरशिप से कोई कमर्शियल व्हीकल खरीदा या फाइनेंस कराया हो तो डिसकाउंट के बारे में चर्चा करने से ना चूकें।

अपने शहर व नज़दीकी शहरों में मौजूद उसी ट्रक ब्रांड की विभिन्न डीलरशिप्स पर जाएँ। अक्सर यह देखा गया है की डीलर्स अपने आप में एक दूसरे से प्रतिस्पर्धा रखते हैं और अच्छा व्यवहार बनाने और दूसरी डीलरशिप पर जाने से रोकने के लिए कस्टमर्स को व्हीक्ल्स पर भारी छूट प्रदान करते हैं। इस के अतिरिक्त, वह कस्टमर्स को लुभाने के लिए और अपनी सेल्स बढ़ाने के लिए व्हीकल इंशोरेंस जैसे चीज़ें भी मुफ़्त में मुहैय्या कराते हैं। कुल मिलाकर, यह सुनिश्चित करें की आप को सौदे के अंतर्गत सबसे ज़्यादा फ़ायदा मिल रहा है।

डिलीवरी के समय कड़ा निरीक्षण करें

अब आप का ट्रक तैयार है डिलीवरी के लिए। डिलीवरी लेते समय ट्रक की बॉडी, टायर्स, बोनट और केबिन व उस के फीचर्स का गहराई से निरीक्षण करें। छोटे से छोटे नुक्स या दोष, चाहे वह कोई छोटा मोटा स्क्रेच / खरोंच ही क्यों ना हो, का ध्यान पूर्वक मुआयना करना ना भूलें। हालाँकि, वह छोटी खरोंच ही है, लेकिन वह आप को डिलीवरी के दिन भी डिसकाउंट दिला सकती है।

यदि निरीक्षण के दौरान आप को ट्रक में कोई बड़ी समस्या नज़र आती है तो डिलीवरी लेने से मना कर दें, और नया ट्रक उपलब्ध कराने की माँग करें व साथ ही डीलर से उस नये ट्रक की डिलीवरी का समय भी सुनिश्चित करवा लें।

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